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Nawada News : राम_सीता विवाह में भक्ति भाव से ओत_प्रोत हुए भक्तगण, स्वामी प्रभाजनानंद जी की मधुर गीतों पर झूमे श्रद्धालु

 


 राम_सीता विवाह में भक्ति भाव से ओत_प्रोत हुए भक्तगण, स्वामी प्रभाजनानंद जी की मधुर गीतों पर झूमे श्रद्धालु

बाल कलाकारों के नृत्य पर हजारों की भीड़ बजाती रही तालियां

कथा के 5वें दिन राम_सीता विवाह की भावपूर्ण प्रस्तुति पर विभोर हुए लोग

नवादा लाइव नेटवर्क।

नवादा के गांधी इंटर स्कूल मैदान में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा के 5वें दिन कथावाचक स्वामी प्रभाजनानंद श्रम महाराज ने  राम_सीता विवाह वर्णन किया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने हजारों की भीड़ को भक्ति रस में डूबा दिया।
 
वीडियो में सुने हरदी हरदी.…,राम विवाह का भावपूर्ण गीत_

कथा के दौरान स्वामी जी ने कहा कि व्यक्ति को कर्म में निरंतरता बनाकर रखना चाहिए निरंतरता होने से ही सफलता प्राप्त होती है । अभ्यास के द्वारा मुढ़ से मुढ़ व्यक्ति भी विद्वान बन सकता है। जिसकी साधना में निरंतरता होती है उसी की उपासना भी सफल होती है।

देखें वीडियो, प्रभाजानंद जी का प्रवचन_
 

उन्होंने आगे कहा कि कभी भी स्वयं की तुलना दूसरों से न करें अपने भाग्य की तुलना दूसरों से कर व्यक्ति व्यर्थ ही तनाव लेता है। परमात्मा भाग्य का चित्र अवश्य बनाता है मगर उसमें कर्म रूपी रंग तो व्यक्ति स्वयं भरता है।

देखें वीडियो, सुने राम_सीता विवाह का सुंदर गीत_


हर परिस्थिति में व्यक्ति को प्रसन्न रहना चाहिए कर्म में निरंतरता बनाकर के  रखना चाहिए और यह सूत्र अपने जीवन में उतार ले  ईश्वर कृपा से जो प्राप्त है वह पर्याप्त है।

प्रसन्नता जीवन का सबसे बड़ा स्वर्ग है व निराशा और उदासीनता सबसे बड़ा नरक।
 

व्यक्ति सुख तो प्राप्त करना चाहता है पर सुख के मार्ग पर चलने का प्रयास नहीं करता वह चलता है दुख के मार्ग पर और कल्पना सुखी की करता है।

सिद्धि का अर्थ भौतिक वैभव नहीं बल्कि परम तत्व की प्राप्ति है दुनिया में केवल धन ,शक्ति और प्रतिष्ठा से संपन्न हो जाने पर कोई पूजनीय वंदनीय नहीं होता है बल्कि अपने आचरण तथा अपनी शक्ति को सही दिशा में लगाकर ही दुनिया में पूजनीय वंदनीय तथा अमरत्व को प्राप्त करता है।

उन्होंने अहिल्या उद्धार, धनुष यज्ञ तथा श्री सीताराम विवाह के प्रसंगों को अद्भुत और विद्वता पूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया,  जिसे श्रवण कर श्रोता भक्ति भाव में झूमते नजर आए।
 

इसके पूर्व शाम 6 बजे आरती के साथ 5वें दिन के कथा का आगाज हुआ। मुख्य यजमान अनिल भरद्वाज, राजेश कुमार श्री वी अन्य स्पत्नी आरती में शामिल रहे।

शाम ढलने के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। राम विवाह का रोचक प्रसंग होने के कारण अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ काफी ज्यादा रही।

व्यवस्थापकों अध्यक्ष प्रो. सुभाष प्रसाद, सुरेंद्र कुमार, तपेश्वर सिंह आदि भीड़ नियंत्रण को काफी सक्रिय देखे गए।

रिपोर्ट_वरुणेंद्र कुमार
 





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