Header Ads

Breaking News

Nawada News : माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष एमएलसी केदारनाथ पांडेय के निधन पर नवादा के साहत्यकारों, रंगकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि



माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष एमएलसी केदारनाथ पांडेय के निधन पर नवादा के साहत्यकारों, रंगकर्मियों ने दी श्रद्धांजलि

नवादा लाइव नेटवर्क।

बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष और भाकपा के वरिष्ठ नेता एमएलसी केदार नाथ पांडेय के निधन पर नवादा के साहित्यकारों ने श्रद्धांजलि दी है। 

नवादा के साहित्यकारों, रंगकर्मियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े सेवियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें शिक्षकों का रहनुमा व मूर्धन्य साहित्यकार बताया। इंदिरा चौक पर मंगलवार की शाम आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी - मगही के मूर्धन्य साहित्यकार डॉ ओंकार निराला ने की।

शोकातुर सभा को संबोधित करते हुए प्रगतिशील लेखक संघ और इप्टा, नवादा के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार, गीतकार नरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि केदारनाथ पाण्डेय पहली जनवरी, 1943 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के कोटवा नारायणपुर में जन्म लेकर अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत श्री कृष्ण उच्च विद्यालय, कैसगढ़, सीवान (बिहार) से हिन्दी और संस्कृत में एमए, बीएड की डिग्री हासिल करने के पश्चात की थी। 

वे वर्ष 2002 से लगातार पांचवीं बार बिहार विधान परिषद के शिक्षक प्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित घोषित किए जाते रहे, जो बिहार विधान परिषद के शासकीय दायित्व में पहली बार प्रथम पंक्ति में दर्ज़ हुआ है। 


इनका देहान्त दिल्ली के वेदांता अस्पताल में सोमवार को इलाज़ के दौरान हो गया। 

बिहार विधान परिषद भवन, पटना में दर्शनार्थ इनके पार्थिव शरीर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित अन्य विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने पुष्पांजली अर्पित कर इन्हें अंतिम विदाई दी एवं इनकी अन्त्येष्टि में भारी संख्या में लोग शामिल हुए।

              प्रलेस, नवादा के सचिव अशोक समदर्शी ने कहा कि श्री पाण्डेय प्रगतिशील लेखक द्वारा आयोजित परिचर्याओं -कार्यशालाओं में वक्ता के रूप में हमेशा शामिल होते रहे और शिक्षा के सवाल, आज का संकट, जो कुछ रह गया अनकहा, लेखक के संघर्षों की औपन्यासिक गाथा इत्यादि इनकी प्रमुख कृतियां हैं।

               नवादा जिला इप्टा के कार्यकारी अध्यक्ष, लेखक और संपादक शंभू विश्वकर्मा ने कहा कि बीते दौर के गीत गाए जाएंगे, महाकाल की भस्म आरती, गांव से शहर का रास्ता इनकी बेहद पसंद किए जाने वाली पुस्तकों में शुमार है, जिसे बार - बार पढ़ा जाता है। इन्होंने यह भी कहा कि वीर कुंवर सिंह सदृश साहित्य के सिपाही को खो देने से साहित्य जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई फिलवक्त सम्भव नहीं है।

            सभा को डॉ ओंकार निराला, कवि - नाटककार गौतम कुमार सरगम, वरिष्ठ कवि, गीतकार नरेन्द्र प्रसाद सिंह, शिक्षक सूर्यदेव पाण्डेय, गौतम ऋषि, राजीव नयन, नरेन्द्र कुमार नलिन, सौरभ कुमार सहित समुपस्थित कई अन्य लोगों ने भी संबोधित कर दिवंगत शिक्षक नेता को श्रद्धांजलि अर्पित कर, उनकी आत्मा की शांति हेतु एक मिनट का मौन रखा। धन्यवाद ज्ञापन कवि गौतम कुमार सरगम ने किया। 











No comments