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Nawada News : मुखिया पूजा कुमारी की कुर्सी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मामला, एनआरआई मुखिया के नाम पर बटोरी थी सुर्खियां



मुखिया पूजा कुमारी की कुर्सी खतरे में, फर्जी जाती प्रमाण पत्र का मामला, एनआरआई मुखिया के नाम पर बटोरी थी सुर्खियां

नवादा लाइव नेटवर्क।

नवादा जिले के रोह प्रखंड क्षेत्र के सिउर पंचायत की मुखिया पूजा कुमारी का निर्वाचन विवादों में आ गया है। उनकी कुर्सी पर खतरा है। ऐसा फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने को लेकर हुआ है। उन्होंने मुखिया चुनाव के दौरान साल 2021 में खुद को दांगी जाति का बताते हुए जाति प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव लड़ी थी। दिसंबर 2021 में चुनाव परिणाम आया था, वह कामयाबी रही थी। लेकिन अब जाकर उनके निर्वाचन सवाल खड़ा हुआ है। फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है।

 शिकायतों के आलोक में राज्य निर्वाचन आयोग के अनुरोध पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पुलिस महानिरीक्षक कमजोर वर्ग, अपराध अनुसंधान विभाग को जांच के लिए लिखा गया था। अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा जांच में जाति प्रमाण पत्र सही नहीं पाया गया था। 

 ऐसे में सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा जिला पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों और पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।


 सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव डॉक्टर बी राजेंदर जो की जाती विनिश्चय हेतु गठित समिति के अध्यक्ष हैं की अध्यक्षता में 24.4.2023 को समिति की बैठक हुई थी। जिसमें अंतिम रूप से निर्णय लिया गया की पूजा कुमारी कोयरी जाति से आती हैं। 

इस निर्णय की प्रति 8 मई 2023 को विशेष कार्य पदाधिकारी राज निर्वाचन आयोग बिहार, जिला पदाधिकारी नवादा और संबंधित मुखिया पूजा कुमारी को भी भेजी गई है। 

क्या है पूरा मामला

 पूरा मामला यह है कि पूजा कुमारी पिता मिथिलेश प्रसाद ग्राम कटैया पोस्ट शिवपुर थाना व प्रखंड रोड जिला नवादा के द्वारा साल 2021 में संपन्न पंचायत चुनाव के दौरान अपनी जाति का प्रमाण पत्र नामांकन के दौरान जो समर्पित किया था दांगी जाति का था। दांगी जाति साल 2015 से बिहार में अति पिछड़ी जाति के रूप में सूचीबद्ध है।  निर्वाचन के बाद प्रतिद्वंदी आरती देवी   यह दावा करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग में बाद 97/2021 दायर किया गया था।

जिसमें कहा गया था कि निर्वाचित मुखिया पूजा कुमारी दांगी जाति से नहीं आती है वह कोइरी जाति से आती हैं।  कोयरी जाति अनुसूची 2 में है, जबकि दांगी अनुसूची 1 में है। 

शिकायतों के आलोक में सामान्य प्रशासन इस मामले में जांच कराई गई।  जांच में यह साफ हुआ कि पूजा कुमारी अनुसूचित टू में आती है वह कोइरी जाति से हैं।


जांच में आए कई तथ्य

जांच के दौरान कई तथ्य सामने आए। पूजा के पति संदीप कुमार सिन्हा, इमामगंज, खीड़ी मोड़, पटना निवासी का बयान था की वह कोयरी जाति से है, पत्नी दांगी जाति से हैं। पूजा के परदादा रामू महतो के नाम से 1977 में निर्गत सर्वे खतियान में जाति कोयरी अंकित है।

रोह अंचल कार्यालय से निर्गत जाति प्रमाण पत्र में मुखिया पूजा को दांगी और उनकी बहन रूबी को कोयरी जाति बताया गया है।

पूजा की एक और बहन खुशबू का आरके हाई स्कूल सिउर के टेबुलेशन रजिस्टर में बीसी 2 अंकित है। 

हालांकि, ग्रामीणों का बयान विरोधाभासी रहा। कुछ ने कोयरी तो कुछ ने दांगी बताया।


अंततः जाति विनिश्चयन सामान्य समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पूजा कुमारी कोयरी जाति से आती हैं। इस बैठक में समिति के सभी सदस्यों के साथ ही पूजा कुमारी के वकील अवनीश कुमार भी मौजूद थे। 

जल्द आ सकता है पदच्यूत का आदेश

बहरहाल, पूजा की जाति पर स्पष्ट निर्णय आने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई है। जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग से आरती देवी द्वारा दायर वाद पर निर्णय आ सकता है। निर्णय क्या आएगा यह भी साफ है। मुखिया की कुर्सी तो जाएगी ही, अन्य विधि सम्मत कार्रवाई भी हो सकती है।

एनआरआई मुखिया के रूप में खूब बंटोरी थी सुर्खियां

बता दें कि पूजा जब मुखिया निर्वाचित हुई थी तब सोशल मीडिया पर छा गई थी। एनआरआई बनीं मुखिया शीर्षक की खबर खूब ट्रेंड हुआ था। हालांकि, खबरों में कोई सत्यता नहीं थी। 2021 में मुखिया बनने के करीब 6 माह पहले ही उसकी शादी हुई थी। इसी साल पूजा की सासू मां भी पटना जिले में मुखिया निर्वाचित हुई थी। फिलहाल, मुखिया पूजा के लिए अच्छी खबर नहीं है। आने वाला दिन कठिनाइयों भरा हो सकता है। 

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