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यूक्रेन में एक भारतीय छात्र की मौत, अभी भी फंसे हैं 3000 स्टूडेंट्स



रूस और यूक्रेन की जंग से भारत के लिए एक बुरी खबर आ रही है। रविवार से ही खारकीव में हो रही गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। खारकीव यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर है जिसे रूस की सेना का पहला रणनीतिक लक्ष्य माना जा रहा है। रविवार को जब रूसी सैनिक इस शहर में घुसे तो उन्हें कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा जिसके बाद सोमवार से सेना यहां बम बरसा रही है।

मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर कहा, 'बड़े दुख के साथ हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि आज सुबह खारकीव की गोलाबारी में एक भारतीय छात्र ने अपनी जान गंवा दी। मंत्रालय उसके परिवार के साथ संपर्क में है। हम परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं।' मृतक भारतीय छात्र का नाम नवीन शेखरप्पा था। रिपोर्ट्स कह रही हैं रूसी सेना खारकीव पर क्लस्टर बम और वैक्यूम बम जैसे विनाशकारी हथियार इस्तेमाल कर रही है।इस खबर ने भारत की चिंता को इसलिए बढ़ा दिया है क्योंकि खारकीव में अभी भी तीन हजार भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। सोमवार को डेलीमेल ने एक वीडियो ट्वीट किया और कहा कि सैन्य सूत्र कह रहे हैं कि यह वीडियो खारकीव पर क्लस्टर बमों की बमबारी को दिखाता है, जिनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध है। इतना ही नहीं अमेरिका में यूक्रेन के एक राजदूत ने दावा किया कि रूसी सेना खारकीव पर वैक्यूम बम से हमला कर रही है। राजदूत ने कहा कि उन्होंने (रूस) आज वैक्यूम बम का इस्तेमाल किया, जिसका इस्तेमाल जिनेवा सम्मेलन के तहत निषेध है।खारकीव रूस की सीमा से सिर्फ 40 किमी की दूरी पर स्थित है। इसलिए गुरुवार को हमला शुरू करने के कुछ ही समय बाद रूसी सैनिक खारकीव तक पहुंच गए। यहां तीन हजार भारतीय छात्र पढ़ते हैं जो इस वक्त बेहद बुरी हालत में फंसे हुए हैं। बीते दिनों खारकीव में फंसे भारतीय डॉक्‍टर स्‍वाधीन ने नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन को बताया था कि यहां फंसे भारतीय छात्रों की हालत बहुत खराब है। उन्होंने कहा था कि लोगों को खाने-पीने की बहुत दिक्‍कत है। वह छात्रों को खाना दे रहे हैं लेकिन खुद उनके पास एक या दो दिन का ही खाना बचा था। उन्‍होंने कहा था कि अगर भारत सरकार ने जल्‍द ही ऐक्‍शन नहीं लिया तो हमारे लिए हालत बहुत खराब होने जा रही है।

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