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Dewghar yatra : कांवरिया पथ के उल्टैन दंडी बम सुदर्शन जी को आप भी जानिए, बाबा के हैं बड़े भक्त, कई दफे डाक बम भी कर चुके हैं जलार्पण

 

कांवरिया पथ के साधक दंडी बम सुदर्शन जी

कांवरिया पथ के उल्टैन दंडी बम सुदर्शन जी को आप भी जानिए, बाबा के हैं बड़े भक्त, कई दफे डाक बम भी कर चुके हैं जलार्पण

नवादा लाइव नेटवर्क।

कांवरिया पथ, यानी बिहार के बाबा अजगैबीनाथ (सुल्तानगंज) से झारखंड के बाबा भोले की नगरी देवघर।अमूमन देखा जाता है कि कांवरिया पथ पर दंड प्रणाम करते हुए बड़ी संख्या में साधक सुल्तानगंज से देवघर तक की यात्रा करते हैं। इन्हें दंडी बम कहा जाता है।

 लेकिन , हमारी इस बार की कांवर यात्रा में कुछ ऐसे भी दंडी मिले जो कांवरिया पथ पर उल्टी दिशा में चलते मिले। 

10 अगस्त 22 के दिन कांवरिया पथ पर यात्रा के दौरान मनिया मोड़ से कुमरसार के बीच नहर पर कहुआ_गोविंदपुर गांव के करीब एक दंडी बम उल्टी दिशा में दंड प्रणाम करते हुए दिखे। ये बम देवघर से सुल्तानगंज की ओर दंड प्रणाम करते हुए बढ़ रहे थे। 

  देखें वीडियो:_


सामान्यतः दंडी बम सुल्तानगंज से देवघर की यात्रा करते हैं। खैर, उत्सुकता हुई और मैंने उनसे बातचीत आरंभ किया। वे बाबा भोले के बड़े भक्त निकले। कहा कि कई बार डाक कांवर यात्रा कर चुका हूं। इस बार दंडी यात्रा पर हूं। उल्टी दिशा में चलने का कारण पूछा तो बताया कि मां गंगा ने बुलाया है। देवघर में घर है, वहीं से यात्रा पर निकला हूं, सुल्तानगंज पहुंचकर वहां से गंगा जल लेकर फिर दंड प्रणाम करते हुए बाबा नगरी तक जाना है। मकसद या मनौती के बारे में पूछे जाने पर कहा की बाबा से मांगना क्या, अंतर्यामी हैं, खुद ही दे देंगे। चाहत है बाबा से साक्षात्कार की। इसका मतलब यह कतई नहीं की प्रकट होकर दर्शन दें। बल्कि, विद्या, बुद्धि, यश, कृति किसी भी रूप में यह संभव है। फिलहाल इनकी यात्रा सुल्तानगंज गंगा तट तक 20 अगस्त को पूरी हो गई है, अब वे देवघर के रास्ते में हैं।

दंड प्रणाम करते सुदर्शन जी
अब बता देते हैं कि ये दंडी बम हैं कौन? नाम सुदर्शन जी हैं। देवघर के कृष्णापुरी मोहल्ले में सपरिवार रहते हैं। खुद पेशे से शिक्षक हैं। बिहार के जमुई जिले के मध्य विद्यालय अमरपुर खैरा में कार्यरत हैं। मूल निवासी बिहार के लखीसराय जिले के बड़हिया थाना क्षेत्र के जैतपर गांव के हैं। बाबा भोले के बड़े भक्त और कांवरिया पथ के साधक हैं।

करीब 25 वर्षों की हमारी कांवर यात्रा के दौरान उल्टैन बम को देखने का पहला अवसर रहा। उत्सुकता जगी और हमने उनसे बातचीत की। इन्होंने ही बताया की रास्ते में कुछ और बम हैं जो मां गंगा की ओर दंड प्रणाम करते हुए बढ़ रहे हैं। कुछ दूर बढ़ने पर बांका जिला के कटोरिया प्रखंड के बसंत यादव और उनके साथ के दो दंडी बम जो की झाझा के निवासी थे गंगा तट की ओर दंड प्रणाम करते हुए बढ़ते मिल गए। सभी का एक ही जवाब मां गंगा ने...!

 

कटोरिया के दंडी बम बसंत यादव जी
करीब 100 किलोमीटर लंबी कांवरिया पथ पर यूं तो सालोभर बाबा भोले के भक्त कांवर यात्रा पर दिखते हैं, लेकिन 3 महीना सावान, भादो और आश्विन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु यात्रा पर होते हैं। 

कांवरिया पथ पर कई प्रकार के साधक दिखते हैं। एक तो कांवर में पवित्र उत्तर वाहिनी गंगा का जल लेकर पैदल यात्रा पर होते हैं। कुछ श्रद्धालु बिना बैठे 100 किमी की यात्रा तय करते हैं। इनका संकल्प होता है की पूरा रास्ता कहीं बैठना सोना नहीं है। कुछ श्रद्धालु डाक कांवरिया होते हैं। डाक कांवरिया को 24 घंटे में सुल्तानगंज से देवघर की दूरी तय करना होता है। 24 घंटे में नहीं पहुंचे तो आपका संकल्प टूट जाता है, फिर आप साधारण कांवरिया की भांति यात्रा पूरी करते हैं। 

 

कांवरिया पथ पर उल्टा दंड प्रणाम की यात्रा पर झाझा के श्रद्धाल

कांवरिया पथ के सबसे बड़े साधक दंडी बम होते हैं। ये बम सुल्तानगंज से देवघर तक की यात्रा दंड_प्रणाम करते हुए पूरी करते हैं। इन साधकों को यात्रा पूरी करने में 30 से 35 दिनों का समय लगता है। अगर दंड प्रणाम का संकल्प एक बार से ज्यादा का है तो समय और ज्यादा लगता है। कई दंडी साधक 5 बार, 11 बार, 21 बार, 51 बार, 108 बार एक ही स्थान पर दंड प्रणाम कर दूसरा कदम आगे बढ़ाते हैं। ऐसे साधकों का पूरा साल ही कांवरिया पथ पर बीत जाता है।

कांवरिया पथ से वरुणेंद्र कुमार@रमेश















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